बेंगलुरु , अप्रैल 28 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) अधिकारियों को भ्रष्टाचार समाप्त करने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने का सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रशासनिक देरी और अक्षमता ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।
कर्नाटक प्रशासनिक सेवा अधिकारी संघ में नवनिर्मित सुविधाओं के उद्घाटन के बाद अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था स्वच्छ, त्वरित और जनकेंद्रित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "फाइलों के निपटारे में देरी भ्रष्टाचार के अवसर पैदा करती है। अधिकारियों को ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्य अनावश्यक बाधाओं के बिना आगे बढ़े।"श्री सिद्दारमैया ने जोर दिया कि लोक सेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अधिकारियों से समाज में असमानता को समझने और कमजोर वर्गों की जरूरतों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याओं को समझना और समाधान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अधिकारी गांवों तक पहुंचकर संवेदनशीलता के साथ समस्याओं का समाधान करेंगे, तो जनता उनके कार्य को लंबे समय तक याद रखेगी।
प्रशासनिक ढांचे को लेकर उन्होंने पदोन्नति के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर भी संकेत दिए और कहा कि राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 33 प्रतिशत अधिकारियों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद पर पदोन्नति दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित