बेंगलुरु , जुलाई 29 -- कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को तुरंत पद से हटाने की मांग करते हुए कहा है कि उनके विचार आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित हैं और बिल्किस बानो के दोषियों पर जिनका पिछला रुख 'बेहद व्यथित करने वाला' था।

श्री सिद्दारमैया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिये तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कर्नाटक को अपने एक सांसद को शिक्षा मंत्रालय मिलने का जश्न मनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय श्री जोशी की नियुक्ति से 'कन्नड़ भाषी शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं'।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि श्री जोशी केवल चेहरे के तौर पर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का विकल्प हैं, विचारधारा के तौर पर नहीं। उन्होंने दावा किया कि दोनों ही आरएसएस से जुड़े संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से निकले हैं और महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों तथा गरीबों को लेकर दोनों का दृष्टिकोण आरएसएस वाला ही है। श्री सिद्दारमैया ने आरोप लगाया, "केवल चेहरा बदला है, दिशा वही है। वह भी आरएसएस के इशारों पर ही काम करेंगे।"श्री सिद्दारमैया ने बिल्किस बानो मामले का जिक्र किया और आरोप लगाया कि श्री जोशी ने 'अच्छे आचरण' के आधार पर दोषियों को रिहा करने के गुजरात सरकार के फैसले का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे रुख से श्री जोशी के नेतृत्व में देश की शिक्षा प्रणाली के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने लोकसभा में श्री जोशी को बेनकाब किया और 'देश के सामने सच रखा'। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही संसद के भीतर आवाजों को दबा दिया जाए, लेकिन 'देश के करोड़ों लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता'।

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