बेंगलुरु , मई 30 -- कर्नाटक में शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। वह अब राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे।
कांग्रेस विधायक दल की यहां हुई बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने दल के नेता के रूप में श्री शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया प्रभावी रूप से शुरू हो गई और श्री शिवकुमार के राज्य की कमान संभालने का रास्ता साफ हो गया।
विधानसभा में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने और अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए बुलाया गया था। श्री शिवकुमार का नाम आगे बढ़ाए जाने के बाद बैठक की कार्यवाही को कुछ समय के लिए नाटकीय तौर पर स्थगित कर दिया गया। गहन विचार विमर्श के बाद इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया।
राजनीतिक क्षेत्रों में बहु प्रतीक्षित इस नेतृत्व परिवर्तन को तब दिशा मिलनी शुरू हुयी जब श्री सिद्दारमैया ने अपने पद से त्यागपत्र देने का ऐलान किया। पार्टी आलाकमान के निर्देशों के बाद उन्होंने यह पद छोड़ने का फैसला किया, हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे को स्वैच्छिक बताया।
भले ही इस परिवर्तन प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है, लेकिन बैठक के बाहर की राजनीतिक गतिविधियों ने सत्तारूढ़ दल के भीतर बढ़ते दबाव को बाहर ला दिया है। श्री सिद्दारमैया, अपने इस्तीफे के बाद भी राजनीतिक रूप से सक्रिय बने हुए हैं। वह विधानसभा के भीतर उत्तराधिकार की बातचीत चलने के दौरान भी अपने आवास पर लोगों से बातचीत करते नजर आए।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि श्री सिद्दारमैया ने कांग्रेस संगठन और राज्य सरकार को जोड़ने वाले एक व्यापक समन्वय तंत्र का प्रस्ताव दिया था। यह तंत्र की कल्पना सलाहकार संरचना के तौर पर की गयी थी। श्री शिवकुमार के खेमे के नेताओं ने इस विचार का विरोध किया, क्योंकि वे नई व्यवस्था में सत्ता के समानांतर केंद्र बनाने को लेकर सतर्क हैं। इस प्रस्ताव को अभी पार्टी नेतृत्व से मंजूरी मिलना बाकी है।
बीते कल में हुई चर्चाओं में मुख्य रूप से श्री सिद्दारमैया की भविष्य की भूमिका और नए मुख्यमंत्री की बनने वाली कैबिनेट की संरचना पर ध्यान केंद्रित किया गया था। सरकार की गारंटी योजनाओं के लिए एक समन्वय समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्हें नियुक्त करने की एक प्रारंभिक योजना पर चर्चा की गई थी, लेकिन कहा जा रहा है कि उन्होंने अधिक व्यापक संस्थागत भूमिका के लिए दबाव डाला है।
श्री शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कैबिनेट के गठन को लेकर भी बातचीत चल रही है, जिसमें कांग्रेस कथित तौर पर दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर विचार कर रही है। वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली इस दौड़ में हैं, हालांकि अभी तक कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
इसके साथ ही, यतींद्र सिद्दारमैया की भूमिका को लेकर भी अटकलें तेज हो रही हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का संकेत है कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है और समाज कल्याण जैसा कोई महत्वपूर्ण विभाग सौंपा जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित