बेंगलुरु , मई 01 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और इसे संगठित लूट बताते हुए बढ़ी हुई कीमत को वापस लेने की मांग की है।
श्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर "संगठित लूट" का आरोप लगाया, जबकि श्री शिवकुमार ने चुनाव के बाद एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को मतदाताओं की "पीठ में छुरा घोंपना" करार दिया।
गौरतलब है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को वाणिज्यिक रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़ाये हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस कदम को जानबूझकर तब तक टाला गया जब तक विधानसभा चुनाव समाप्त नहीं हो जायें। श्री सिद्दारमैया ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "जैसा कि हमने शुरू से ही आगाह किया था, जैसे ही विधानसभा चुनाव खत्म हुए नरेन्द्र मोदी सरकार ने कीमतें फिर से बढ़ा दीं।" उन्होंने दावा किया कि एक मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों में कीमतें छह बार बढ़ाई गयी हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर 1,518 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
उन्होंने कहा, "यह शासन नहीं है, यह तो संगठित लूट है।" इस मुद्दे को आम लोगों पर सीधा हमला बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बढ़ोतरी से होटलों, रेस्टोरेंटों, छोटी खाने की दुकानों और कैटरिंग सेवाओं में सिलसिलेवार प्रतिक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे जनता के लिए खाना-पीना और महंगा हो जाएगा। उन्होंने कहा, "एक कप चाय से लेकर एक साधारण भोजन तक, सब कुछ महंगा हो जाएगा।" उन्होंने कहा कि इससे शहरी कामकाजी वर्ग, दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यवसायी सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मज़दूरों के लिए तोहफ़ा है। बढ़ती कीमतें, घटती आय और ज़्यादा मुश्किलें।वहीं. श्री शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर चुनाव के दौरान मतदाताओं को गुमराह करने और चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद उन पर बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "उन्होंने इस देश के मतदाताओं के साथ धोखा किया है। वोटिंग के बाद उन्होंने कीमतें बढ़ा दीं। यह लोगों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। " उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह बढ़ोतरी वापस नहीं ले ली जाती, तब तक कांग्रेस पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, "हम इस मुद्दे को उठाएंगे, इसके लिए लड़ेंगे, इसकी निंदा करेंगे और तब तक आंदोलन करेंगे, जब तक कीमतें वापस नहीं ले ली जातीं।" श्री शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार की पाँच गारंटी योजनाएँ लोगों को महँगाई से बचा रही हैं और दावा किया कि ये कल्याणकारी उपाय दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन गए हैं।
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