बेंगलुरु , अक्टूबर 12 -- कर्नाटक में मैसूरु दशहरा के उद्घाटन समारोह में जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के वरिष्ठ विधायक जीटी देवेगौड़ा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और मौजूदा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सार्वजनिक रूप से की गयी सराहना के बाद प्नदेश की राजनीति में नयी अटकलें शुरू हो गयी है।
श्री देवेगौड़ा ने एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में सिद्दारमैया को 'मैसूरु का बेटा' बताया और मुख्यमंत्री के तौर पर उनके आठ साल के कार्यकाल में लोगों के हित में चलायी गयी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने उसी भाषण में श्री शिवकुमार को 'मैसूरु का दामाद' कहा और सिद्दारमैया सरकार से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का स्वागत किया।
जद(एस) नेतृत्व, खासकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ श्री देवेगौड़ा के मतभेदों को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस के इन दो नेताओं की एक साथ सराहना करना काफी अहम माना जा रहा है। श्री देवेगौड़ा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है।
रिपोर्टों के मुताबिक वह पार्टी की कई गतिविधियों से दूर भी रहे हैं। श्री सिद्दारमैया की बार-बार सराहना करने (जिसमें पहले का दशहरा कार्यक्रम भी शामिल है) से जद(एस) के भीतर ध्यान खींचा है, खासकर इसलिए क्योंकि श्री कुमारस्वामी कांग्रेस सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।
इन ताज़ा बयानों से एक बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा होता है कि क्या 2028 के चुनावों से पहले कर्नाटक की राजनीतिक तस्वीर बदलने के साथ देवेगौड़ा जद(एस) के साथ बने रहेंगे या कोई दूसरा विकल्प तलाशेंगे? उनके राजनीतिक रुख पर उनके बेटे की जनता दल (सेक्यूलर) में लगातार सक्रियता के संदर्भ में भी नज़र रखी जा रही है, जिससे परिवार के भीतर एक जटिल स्थिति पैदा हो सकती है।
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