चंडीगढ़ , जून 18 -- अग्निवीरों के शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिख रेजिमेंट ने गुरुवार को अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।

यह समझौता 16 जून 2026 को सिख रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट द्वारा रेजिमेंट की ओर से औपचारिक रूप से संपन्न किया गया। इस समझौते के तहत सिख रेजिमेंट में सेवा दे रहे अग्निवीर अपनी सैन्य जिम्मेदारियों के साथ-साथ उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। पहल के अंतर्गत उन्हें छह माह की अवधि में पूर्ण होने वाले विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के अलावा तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों में भी दाखिला लेने का अवसर मिलेगा। अग्निवीर बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस (बीसीए) और बैचलर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम.) जैसे पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य उनकी शैक्षणिक योग्यता, पेशेवर दक्षता और दीर्घकालिक करियर संभावनाओं को मजबूत बनाना है, ताकि वे सैन्य सेवा के साथ-साथ भविष्य में नागरिक क्षेत्र में भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

सिख रेजिमेंट यहां जारी बयान में कहा कि यह सहयोग सैनिकों के समग्र विकास और कल्याण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह भारत सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके तहत कुशल, शिक्षित और भविष्य के लिए तैयार युवाओं का निर्माण कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

रेजिमेंट ने अपने आदर्श वाक्य 'सेवा परमो धर्म' की भावना को दोहराते हुए कहा कि अग्निवीरों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी जारी रहेंगी। इससे उन्हें सैन्य सेवा के दौरान और उसके बाद जीवन में सफलता हासिल करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्राप्त होंगे।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित