श्रीनगर , अक्टूबर 14 -- जम्मू-कश्मीर विधानसभा की पर्यावरण समिति गुरुवार को श्रीनगर स्थित अंचार झील का मौके पर निरीक्षण करेगी। समिति झील के संरक्षण, पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगी।

कभी स्वच्छ जल के लिए प्रसिद्ध रही अंचार झील प्रदूषण और गाद जमने के कारण गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। कभी 19.54 वर्ग किलोमीटर में फैली यह झील अब सिमटकर करीब छह वर्ग किलोमीटर रह गई है, जिसमें 3.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र दलदली भूमि है।

आवास एवं शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, निरीक्षण के दौरान झील के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का आकलन किया जाएगा और इसके प्रभावी संरक्षण एवं सतत प्रबंधन के लिए जरूरी अतिरिक्त उपायों की पहचान की जाएगी।

विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी की अध्यक्षता वाली समिति के निरीक्षण के लिए श्रीनगर नगर निगम, झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण और शहरी पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग को आवश्यक व्यवस्थाएं करने तथा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से झील के संरक्षण, पुनरुद्धार, प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन के लिए किए गए उपायों की जानकारी देने को कहा गया है। समिति के साथ संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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