खरगोन , अप्रैल 04 -- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए जेनेटिक काउंसलिंग और व्यापक जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जुड़कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा।

राज्यपाल शनिवार को खरगोन जिले में आयोजित "जनजातीय जीवन रक्षा एवं सिकल सेल हितैषी संवाद" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विवाह से पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान और गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच से आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत वर्ष 2047 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और नियमित स्क्रीनिंग से स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। इस दौरान राज्यपाल ने रक्षा अस्पताल में नवनिर्मित सिकल सेल यूनिट का लोकार्पण कर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना की। विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक रोग है, जिसका प्रभाव स्वास्थ्य के साथ शिक्षा पर भी पड़ता है। इस अवसर पर विधायक छाया मोरे, नंदा ब्राह्मणे, कलेक्टर भव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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