उज्जैन , अगस्त 23 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए प्रमुख आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। निर्माण पूरा होने के बाद यह एलिवेटेड कॉरिडोर सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के सुगम और सुरक्षित आवागमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महाकालेश्वर की नगरी में सिंहस्थ-2028 के आयोजन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर तैयार किए जा रहे एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई 5.30 किलोमीटर है। यह कॉरिडोर इंदिरा नगर चौराहा से नीलगंगा चौराहा तथा निकास चौराहा से इंदौर गेट तक बनाया जा रहा है। परियोजना की लागत 945.20 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिनों उज्जैन प्रवास के दौरान कालिदास संस्कृत अकादमी में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया था। इस दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख आंतरिक मार्गों पर दिन-रात चल रहे चौड़ीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया था।
भूमिपूजन के साथ ही जिला अस्पताल के सामने आगर रोड पर एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। कॉरिडोर के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ वाहनों के सुगम आवागमन में मदद मिलेगी। सिंहस्थ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
सिंहस्थ को देखते हुए शहर से जुड़ने वाले प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण के साथ आवश्यक अधोसंरचना का विकास भी किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से सिंहस्थ के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात के दबाव को कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
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