उज्जैन , फरवरी 26 -- आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने यातायात, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर संभाग आयुक्त आशीष सिंह और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश गुप्ता ने कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के साथ सिंहस्थ मेला कार्यालय में तीन घंटे से अधिक समय तक संभावित पार्किंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक में इंदौर, देवास, बड़नगर, बदनावर, गरोठ रोड, आगर और मकसी की ओर से आने वाले यातायात के दबाव और भीड़ प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने तय किया है कि मेला क्षेत्र में प्रवेश से पहले लेवल वन, लेवल टू और लेवल थ्री पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि पार्किंग स्थल नदी घाट से दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर न हों और यथासंभव एक से दो किलोमीटर के दायरे में ही सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

संभाग आयुक्त ने बताया कि उज्जैन को जोड़ने वाले फोर लेन, सिक्स लेन बाईपास और अन्य प्रमुख मार्गों के निकट ही पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा के साथ अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध हो सकें।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने पिछले सिंहस्थ के अनुभवों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालु शीघ्रता से घाट तक पहुंच सकें और पार्किंग स्थलों पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे स्नान के बाद वे आसानी से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकें।

उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि 12 से अधिक पार्किंग स्थलों का चयन किया गया है, जहां लगभग 5 से 7 लाख वाहनों की व्यवस्था प्रस्तावित है। संभावित योजना के अनुसार लेवल वन पार्किंग में लगभग एक लाख, लेवल टू में दो से तीन लाख तथा लेवल थ्री में तीन से चार लाख वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था रहेगी। इंदौर रोड, बड़नगर रोड, गरोठ रोड और आगर रोड के पास भी स्थल चयनित किए जा रहे हैं।

पार्किंग स्थलों से नदी घाट तक पक्के मार्ग विकसित किए जाएंगे। साथ ही यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अंडरपास निर्माण और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से हो सके।

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