उज्जैन , अगस्त 22 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों के अंतर्गत शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निर्माण एवं विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर रोशन सिंह ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों एवं प्रगतिरत विकास कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों का प्रजेंटेशन जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत विभिन्न मदों से उज्जैन सहित आसपास के सीमावर्ती जिलों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्रों, पार्किंग से स्नान घाट एवं मेला क्षेत्र तक पहुंच मार्ग, वाहनों की क्षमता, प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था तथा मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टर एवं जोन की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन के लिए व्यापक स्तर पर प्लानिंग की जा रही है।
बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन के अलावा आसपास के सीमावर्ती जिलों में करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं के लिए स्थान प्रस्तावित किए गए हैं। उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की स्थिति में उन्हें आसपास के जिलों में प्रस्तावित पड़ाव क्षेत्रों में रोका जा सकेगा। इससे उज्जैन में श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मेला क्षेत्र में साधु-संतों को उपलब्ध कराए जाने वाले प्लाटों पर सीवर लाइन, पार्किंग, पेयजल लाइन, बिजली कनेक्शन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की प्लानिंग तैयार की गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थलों का निर्धारण इस प्रकार किया जा रहा है कि वहां से स्नान घाट एवं मेला क्षेत्र तक पहुंचने की दूरी कम से कम हो और श्रद्धालु सहज एवं सुविधापूर्वक अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
संभागायुक्त ने बताया कि प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्रों का चयन ऐसे स्थानों पर किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु अपने वाहनों से पहुंचने के बाद आसानी से स्नान घाट एवं मेला क्षेत्र जा सकें तथा वापसी में उसी मार्ग से अपने गंतव्य की ओर लौट सकें। इससे सिंहस्थ के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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