उज्जैन , अगस्त 31 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण की जद में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाने या अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए उज्जैन में विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर के कई आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इन मार्गों की जद में आधा दर्जन से अधिक धार्मिक स्थल आने के कारण संगठनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
शहर में अब तक चौड़ीकरण से कंठल स्थित गणपति मंदिर, तेलीवाड़ा स्थित भैरू मंदिर, एक अन्य भैरूजी मंदिर और माताजी के मंदिर सहित कुछ धार्मिक स्थल प्रभावित हुए हैं। जूना मिल स्थित शिव मंदिर को पीछे किया गया है, जबकि कुछ प्रतिमाओं को प्रशासन ने हिंदू संगठनों के सहयोग से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया है।
इसी क्रम में कंठल स्थित खड़े हनुमान मंदिर और सराफा बाजार स्थित खड़े हनुमान मंदिर को लेकर रविवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और सर्व समाज के लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में धरना दिया। इस दौरान बड़नगर रोड, आगर रोड, मक्सी रोड, कनीपुरा रोड और इंदौर रोड पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध जताया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
दूसरी ओर, गोपाल मंदिर के समीप स्थित एक शाही मस्जिद को भी उज्जैन नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए 11 फीट पीछे करने के संबंध में 14 अगस्त को नोटिस जारी किया था। मस्जिद संचालकों ने इसका जवाब नगर निगम को सौंप दिया है। इसके पूर्व निजातपुरा के समीप स्थित एक मस्जिद के आसपास से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
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