मुंबई , अक्टूबर 31 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हिंदू परंपराओं को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले अनुमानित 12 करोड़ श्रद्धालुओं, संतों और तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके लिए नासिक-त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में करीब 35,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं।
श्री शिंदे नासिक के रामतीर्थ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले दिन में रामतीर्थ और त्र्यंबकेश्वर के पवित्र कुशावर्त तीर्थ पर धार्मिक ध्वजारोहण व पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर गोदा महा आरती भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन सहित कई धार्मिक गुरु और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
श्रीमती मुर्मू द्वारा किए गए ध्वजारोहण को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए श्री शिंदे ने कहा कि यह देश की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परंपराओं में नारी शक्ति के योगदान का सम्मान है। उन्होंने बताया कि कोजागिरी पूर्णिमा के अवसर पर गोदावरी के तट पर आयोजित सामूहिक शंखनाद को 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' में स्थान मिला है, जिससे नासिक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के लिए विकसित किया जा रहा बुनियादी ढांचा नासिक और त्र्यंबकेश्वर के निवासियों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगा। इसके साथ ही, इस आयोजन से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
श्री शिंदे ने उम्मीद जताई कि यह सिंहस्थ कुंभ मेला स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता की एक मिसाल कायम करेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित