जयपुर , जून 24 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लेह-लद्दाख में आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ के तहत पवित्र सिंधु घाट पर मां सिंधु नदी एवं भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति तथा प्रगति की कामना की।

इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि सिंधु नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की अमर प्रतीक है। सिंधु के पावन तट पर श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का जो अद्भुत संगम दिखाई देता है, वह भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त परिचायक है।

उन्होंने कहा कि सिंधु दर्शन यात्रा अपने 30वें वर्ष में प्रथम सिंधु कुंभ के रूप में एक नये अध्याय की साक्षी बन रही है। बाइस से 27 जून तक आयोजित इस महाआयोजन में धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत तथा सांस्कृतिक गौरव का भव्य प्रदर्शन हो रहा है।

श्री देवनानी ने कहा कि लद्दाख की अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत वातावरण इस आयोजन को विशेष बनाता है। देश के विभिन्न भागों से आये श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और सामाजिक प्रतिनिधियों की सहभागिता राष्ट्रीय एकता के भाव को और अधिक सुदृढ़ कर रही है।

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