हैदराबाद , जून 21 -- तेलंगाना की सिंगारेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड ने कोयले की चोरी या गायब होने के हालिया मीडिया दावों को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि कोयले के उत्पादन, परिवहन एवं बिक्री का काम उन्नत प्रौद्योगिकी पर आधारित एक सुरक्षित एवं पारदर्शी निगरानी प्रणाली में किया जाता है।
सिंगारेनी प्रबंधन ने जारी एक स्पष्टीकरण में कहा है कि कोयले के प्रबंधन के हर चरण को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाता है जिसमें खदानों में उत्पादन से लेकर ग्राहकों तक डिलीवरी शामिल है। उसने कहा कि एसएपी एवं कोल नेट जैसे एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल रूप से रिकॉर्ड और मॉनिटर किया जाता है। यहां लगभग 85 प्रतिशत कोयला रेलवे के माध्यम से पहुंचता है जबकि 15 प्रतिशत सड़क द्वारा पहुंचाया जाता है। कोयले के आवंटन को एक एसएपी-आधारित प्रणाली से प्रबंधित किया जाता है, जो पहले से ही उपभोक्ता, खान, मात्रा और आपूर्ति की तारीख जैसी जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करता है। हर टन कोयले से जुड़ी जानकारी को कई डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से वास्तविक समय में ट्रैक किया जाता है।
कोयला ले जाने वाले सभी सड़क परिवहन वाहनों का वज़न इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज पर किया जाता है जबकि वाहनों के आवागमन पर आरएफआईडी-आधारित बूम बैरियर, जीसीएस/जीपीआरएस ट्रैकिंग प्रणाली और जियो-फेंसिंग तकनीक के माध्यम से निगरानी की जाती है। इसी तरह, हर रेलवे वैगन की लोडिंग एवं डिस्पैच की जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाती है।
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