हैदराबाद , अक्टूबर 13 -- तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने मंगलवार को सिंगरेनी के कर्मचारी के लिए 34 प्रतिशत लाभांश देने का ऐलान किया, जिसमें 38,737 स्थायी कर्मचारियों में से प्रत्येक को दशहरा के लिए औसत 1,53,912 रुपये मिलेंगे।

दूसरे 29,717 संविदा कर्मचारियों को 5,500 रुपये मिलेंगे। कंपनी ने 1,754 करोड़ का शुद्व लाभ कमाया, जिसमें से 596 करोड़ रुपये कर्मचारियों में बांटे जाएंगे।

श्री भट्टी ने सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू के साथ प्रजा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कई कल्याणकारी उपायों की घोषणा की, जिसमें कर्मचारियों के घर के सपने को पूरा करने के लिए 'नेहरू हाउसिंग कॉलोनीज़' नाम की एक आवासीय योजना भी शामिल है। आश्रित कर्मचारियों के लंबित मामले 15 दिनों के अंदर सुलझा लिए जाएंगे, जबकि कर्मचारियों के नामों में लंबे समय से लंबित गड़बड़ियों की जांच मानवीय आधार पर की जाएगी।

सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी से निकाले गए योग्य कर्मचारियों को सेवा में वापस आने का एक बार का विकल्प देगी। कर्मचारियों को कोठागुडेम जाने से बचाने के लिए मेडिकल बोर्ड सिंगरेनी इलाके के हॉस्पिटल में जांच करेंगे।

दूसरे उपायों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और दिल देखभाल सुविधाओं वाले हॉस्पिटल को अपग्रेड करना, सिंगरेनी इलाकों के गांवों में फ्री कैंसर स्क्रीनिंग, हर छह महीने में सेफ्टी किट और कंपनी द्वारा कर्मचारियों के वेतन भत्ते पर आयकर का भुगतान शामिल है।

श्री भट्टी ने पीने के पानी की सुविधाओं को बेहतर बनाने, सरकारी इमारतों पर सोलर पैनल लगाने, शिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने और सरकारी जूनियर कॉलेजों को बुनियादी समर्थन देने की योजना की भी घोषणा की। सरकार भूपलपल्ली में एक कृषि अनुसंधान केन्द्र बनाने की जांच करेगी और रामागुंडम में एक थर्मल पावर प्लांट लगाने का अपना वादा दोहराया है।

उन्होंने मुनाफे में कमी का जिक्र करते हुए पिछली बीआरएस सरकार पर और कोयला ब्लॉक दिलाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकार सिंगरेनी की वित्तीय हालत को मजबूत करने के लिए नए ब्लॉक हासिल करने और कोयले की कीमतों को सही करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि बिजली कंपनियों द्वारा सिंगरेनी को दिए गए बकाया पैसे को धीरे-धीरे चुकाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। श्रीधर बाबू ने मज़दूरों के मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए बीआरएस की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह अपने दस साल के कार्यकाल में लंबे समय से लंबित शिकायतों को हल करने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार स्थायी और संविदा मज़दूरों की सुरक्षा और कल्याणकारी उपायों और कौशल विकास की कोशिशों के ज़रिए सिंगरेनी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्व है।

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