पटना , अप्रैल 22 -- बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बुधवार को कहा कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक वीर कुंवर सिंह साहस, बलिदान और देशभक्ति के प्रतीक थे।

सभापति श्री सिंह वीर कुंवर सिंह की जयंती 23 अप्रैल के अवसर पर आज उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 1857 ई. के स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक बाबू कुंवर सिंह का जन्म शाहाबाद वर्तमान भोजपुर के जगदीशपुर के जमींदार परिवार में हुआ था। विदेशी शासन के विरोध की भावना उन्हें विरासत में मिली थी। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह जयंती विज्योत्सव दिवस के रूप में भी मनाया जाती है, क्योंकि 23 अप्रैल, 1858 को अंग्रेजों के खिलाफ जगदीशपुर के पास अंतिम लड़ाई में जीत हासिल हुयी थी।

श्री सिंह ने कहा कि वीर कुंवर सिंह की आजादी की लड़ाई में भूमिका सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं थी। वे कई राज्यों में गए। नाना साहब से मिलकर कानपुर की लड़ाई में भाग लिए। 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अंग्रजों से हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को बाबू कुंवर सिंह के साहस, बलिदान और देशभक्ति की भवना से प्रेरणा लेनी चाहिए।

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