पुणे , मार्च 31 -- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के बारे में उनके कथित बयानों को लेकर दायर मानहानि के मामले की सुनवाई यहां की विशेष अदालत में जारी है।
श्री गांधी के वकील अधिवक्ता मिलिंद दत्तात्रय पवार ने मंगलवार को उक्त मामले में शिकायतकर्ता सात्यकि सावरकर से जिरह की।
जिरह के दौरान सात्यकि सावरकर ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि श्री गांधी ने जिस दिन लंदन में अपना भाषण दिया था, उस दिन वे सांसद थे या नहीं, और उन्हें यह याद भी नहीं है।
अधिवक्ता पवार ने कहा ,"सात्यकि सावरकर ने यह भी स्वीकार किया कि कई राजनीतिक नेता सार्वजनिक रूप से स्वातंत्र्यवीर सावरकर के लेखन और विचारधारा की आलोचना करते हैं। उन्हें नहीं पता कि उक्त भाषण के समय लंदन के स्थानीय पत्रकार वहां मौजूद थे या नहीं और उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पुणे की विश्रामबाग पुलिस ने इस बात की कोई जांच की है कि श्री गांधी वास्तव में लंदन गये थे या नहीं।
सात्यकि सावरकर ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि भारत के किसी समाचार पत्र या समाचार चैनल ने उक्त भाषण की खबर दी थी या नहीं। जिरह के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर ने लगभग 35 पुस्तकें लिखी थीं। हालांकि, अधिवक्ता पवार के अनुसार, उन्हें यह नहीं पता कि भारत या विदेश में कितने लेखकों ने इस विषय पर पुस्तकें लिखी हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित