जौनपुर , जुलाई 28 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहे पवित्र श्रावण मास को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सावन के प्रथम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले के प्रमुख शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सावन माह के दौरान प्रत्येक सोमवार को प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास मांस एवं अंडे की दुकानें बंद रहेंगी। मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा आवश्यकता के अनुसार यातायात का रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले को दो सुपर जोन, सात जोन और 28 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा, जो कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने बताया कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त त्रिलोचन महादेव (जलालपुर), गौरीशंकर धाम (सुजानगंज), करसूलनाथ महादेव, पातालनाथ महादेव, गोमतेश्वर महादेव (केराकत), पंचों शिवाला (पुरानी बाजार) तथा राजेपुर स्थित सई-गोमती संगम सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। पैदल कांवड़ यात्रा के साथ बड़ी संख्या में डाक कांवड़ भी इन मार्गों से गुजरती है।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह प्रमुख मंदिरों एवं कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दे चुके हैं। सावन माह के दौरान कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने, पुलिस पिकेट स्थापित करने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
जिले में 100 से अधिक शिवालयों में जलाभिषेक होता है। प्रशासन ने प्रमुख मंदिरों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की है, जबकि अन्य मंदिरों पर स्थानीय पुलिस नियमित गश्त करेगी। त्रिलोचन महादेव, दियावां महादेव (मछलीशहर) तथा गौरीशंकर महादेव (सुजानगंज) में सर्वाधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए इन मार्गों पर सोमवार को विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. रजनीकांत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान चार सोमवार क्रमशः 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे। उनके अनुसार यह दुर्लभ संयोग लंबे समय बाद बना है और इसे देश के लिए शुभ एवं कल्याणकारी माना जा रहा है।
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