रांची , अगस्त 02 -- झारखंड की राजधानी रांची में सावन की पहली सोमवारी को लेकर आस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों का संगम देखने को मिल रहा है।
भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहाड़ी मंदिर सहित शहर के प्रमुख शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और रांची पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू की है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में पहली सोमवारी पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। मंदिर समिति के अनुसार रात 3:30 बजे मंगला आरती होगी और सुबह 4:00 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। श्रावणी सोमवारी के अवसर पर मंदिर का समय सामान्य दिनों से अलग रखा गया है, ताकि अधिक संख्या में श्रद्धालु आसानी से भगवान शिव का जलाभिषेक और दर्शन कर सकें।
अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहली सोमवारी के अवसर पर शहर में करीब 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। डीएसपी से लेकर थाना प्रभारी स्तर तक के अधिकारी सुबह से ही विभिन्न शिवालयों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वरीय अधिकारियों ने पहाड़ी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर पहाड़ी मंदिर पहुंचने वाले कांवरियों की बड़ी संख्या को देखते हुए पूरे कांवड़ पथ पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थलों और मंदिर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। बाइक पेट्रोलिंग टीमों को लगातार गश्त करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके लिए अलग से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन का मानना है कि पहली सोमवारी पर सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा किसी भी प्रकार की भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
भीड़ का फायदा उठाकर सक्रिय होने वाले पॉकेटमारों, चेन स्नैचरों और मोबाइल चोरों पर नजर रखने के लिए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे लिबास में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भारी गहने पहनकर मंदिर न आएं और मोबाइल व अन्य कीमती सामान साथ लाने से बचें।
वहीं, रांची ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। पहाड़ी मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। शनि मंदिर, दुर्गा मंदिर, मीनाक्षी गली, गोशाला कटिंग और बालाजी मंदिर से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्गों पर नो-एंट्री लागू रहेगी। श्रद्धालुओं से केवल चिन्हित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सावन की सभी सोमवारी और श्रावणी पूर्णिमा पर भी यही सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
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