नई दिल्ली , फरवरी 23 -- ) वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की संपत्तियों के मुद्रीकरण (बाजार में ले जाने ) की योजना के दूसरे चरण - 'नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन 2.0 को शुरू किए जाने की घोषणा की।

एनएमपी 2.0 को नीति आयोग ने अवसंरचना से जुड़े मंत्रालयों के साथ सलाह करके 2025-30 के लिए तैयार किया है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने बजट 2025-26 में एमएनपी का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की थी ।

एनएमपी 2.0 का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 तक पांच साल की अवधि में केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की संपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत 5.8 लाख करोड़ रुपये के निजी क्षेत्र के निवेश सहित कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये की सम्पत्ति बाजार में लायी जा सकती है ।

एनएमपी 2.0 आज नीति आयोग के सीईओ और पाइपलाइन के तहत शामिल बुनियादी ढांचा लाइन मंत्रालयों - सड़क परिवहन और राजमार्ग, रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नागरिक उड्डयन, बंदरगाह शिपिंग और जलमार्ग, दूरसंचार, पर्यटन, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, खनन, कोयला और आवास और शहरी मामलों के सचिवों के साथ-साथ वित्त मंत्रालय के सचिवों, कानून सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार की उपस्थिति में जारी किया गया।

एनएमपी 1.0 के कार्यान्वयन में 4 वर्षों के लिए 6 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि एनएमपी 2.0 त्वरित बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से विकसित भारत को प्राप्त करने के मिशन के साथ जोड़ा गया है और एनएमपी में भारत की विकास गति को बढ़ावा देने की क्षमता है।

उन्होंने यह भी कहा कि एनएमपी 2.0 का लक्ष्य महत्वाकांक्षी और पहले के मुकाबले 2.6 गुना ज़्यादा है।

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