सारंगढ़/बलौदाबाजार , सितंबर 20 -- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ और बलौदाबाजार जिलों में संदिग्ध रूप से रेबीज संक्रमित कुत्तों के हमलों की अलग-अलग घटनाओं में कुल 44 लोग घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को सारंगढ़ शहर के गढ़ चौक, कुटेला, देवरपारा, प्रतापगंज और बाजार चौक क्षेत्र में पिछले दो दिनों के दौरान एक कुत्ते ने राहगीरों और स्थानीय लोगों पर हमला किया। इन घटनाओं में 22 पुरुष, चार महिलाएं और पांच बच्चे घायल हुए हैं। कई पीड़ितों के हाथ, पैर और जांघ में गहरे घाव आए हैं, जबकि पांच लोगों को गंभीर चोटें बताई गई हैं।

सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें सीरम और एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई। कुत्ते के लोगों पर हमला करने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

स्थानीय स्तर पर ऐसी जानकारी सामने आई है कि आक्रोशित लोगों ने हमलावर कुत्ते को मार दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में लोगों में भय बना हुआ है और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निकाय से आवारा तथा संदिग्ध व्यवहार वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। घटना के बाद नगर निकाय की ओर से किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

इसी तरह बलौदाबाजार जिले के पलारी में कल एक कुत्ते ने अलग-अलग स्थानों पर 13 लोगों को काटकर घायल कर दिया। कई घंटे तक कुत्ते के हमलों से क्षेत्र में दहशत की स्थिति रही। बाद में स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़कर मार डाला।

पलारी में हमले की शुरुआत अस्पताल परिसर के पास हुई। साढ़े तीन साल के बादल घृतलहरे की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे पलारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। खून की जांच के लिए लैब के सामने ले जाते समय कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।

इसके बाद कुत्ते ने अलग-अलग स्थानों पर अन्य लोगों को भी निशाना बनाया। भवानीपुर निवासी 53 वर्षीय तोमन लाल सेन बस से पलारी पहुंचे थे, तभी बस स्टैंड पर कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। इसी स्थान पर अपने 20 महीने के बेटे पूरब देवांगन के साथ गांव जाने के लिए पहुंची 24 वर्षीय अमरीका देवांगन भी कुत्ते के हमले का शिकार हुईं।

जगलोर के सात वर्षीय विवान मांडेकर की कमर तथा 10 वर्षीय केवास डीडी के हाथ और कंधे पर कुत्ते ने हमला किया। स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे छात्र समीर साहू के पैर में भी कुत्ते ने काटा।

हमले में 17 वर्षीय प्रेरणा कनौजे के पैर और जांघ, 12 वर्षीय हिमानी कुर्रे के पैर, 10 वर्षीय प्रज्ञा यादव के सीने, 18 वर्षीय लक्ष्मी डहरिया के पैर, 12 वर्षीय दिनेश साहू के कंधे और पीठ तथा सात वर्षीय भूमि गेंड़रे के हाथ में चोट आई है। पुलिस थाने के पीछे स्थित क्वार्टर में रहने वाले एक पुलिसकर्मी के बच्चे को भी कुत्ते ने काटा।

पलारी अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि सुबह एक बच्चे को लैब के सामने कुत्ते ने काटा था। इसके बाद लगातार घायल अस्पताल पहुंचते रहे और शाम तक 13 लोगों का उपचार किया गया। सभी घायलों को एंटी रैबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन की डोज दी गई है।

पशु चिकित्सक डॉ. पुष्पा चंद्राकर ने बताया कि रेबीज वायरस से संक्रमित कुत्ते में आक्रामकता बढ़ सकती है और वह बिना कारण लोगों पर हमला कर सकता है। ऐसे कुत्ते को तुरंत अलग करना जरूरी है। उन्होंने लोगों को आवारा और संदिग्ध व्यवहार करने वाले कुत्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

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