रायपुर , जून 01 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में 152 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक लागत के 43 विकास एवं अधोसंरचना कार्यों की सौगात दी। इनमें 96 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक के 14 कार्यों का लोकार्पण तथा 55 करोड़ 88 लाख रुपये से अधिक के 29 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि एक मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा तथा इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। बड़े कनेरा में आयोजित यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर रहा।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए दो करोड़ रुपये की स्वीकृति, केशकाल-बांसकोट-माकड़ी-एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के सुदृढ़ीकरण, बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पांच किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की।
इसके अलावा बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य, विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन, केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन तथा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा जागरूकता और नवाचार का मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लाभार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के समन्वित लाभ से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए "मोदी की गारंटी" के अधिकांश वादों को सरकार ने ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ इस मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना तथा तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और निर्धारित समय सीमा में उनका समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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