आगर-मालवा , मार्च 14 -- मध्यप्रदेश के आगर-मालवा में सायबर अपराधों की रोकथाम और प्रभावी जांच के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में सायबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने सरस्वती पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सायबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तकनीकी ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर सायबर अपराधों की प्रभावी जांच करने और आमजन को जागरूक करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय सायबर विशेषज्ञ गौरव रावल ने सायबर अपराधों से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी देते हुए डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, निवेश से जुड़ी ऑनलाइन ठगी, क्रिप्टोकरेंसी मामलों की जांच तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों की राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन दिया।

प्रधान आरक्षक वीरेंद्र सिंह ने नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और समन्वय पोर्टल के उपयोग की जानकारी देते हुए शिकायतों के पंजीयन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय की प्रक्रिया समझाई। वहीं उपनिरीक्षक राखी गुर्जर और प्रधान आरक्षक सुब्रतो ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपीडीआर और टॉवर डम्प डाटा के विश्लेषण के माध्यम से अपराधियों की लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाने के संबंध में तकनीकी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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