बक्सर , सितंबर 09 -- िहार के बक्सर जिले में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम), बक्सर उदय प्रताप सिंह की अदालत ने मामले में आरोपी दीपक राम और कन्हैया गोंड को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डी) के तहत दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत के आदेश के अनुसार अर्थदंड की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाने के लिए संबंधित प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी एक महिला 14 सितंबर 2023 की शाम अपने एक सह-ग्रामीण दीपक राम के यहां पारंपरिक उपचार कराने गई थी। वहां उसका रिश्तेदार कन्हैया गोंड भी मौजूद था। आरोप है कि उपचार के दौरान दीपक राम ने महिला को कुछ पदार्थ दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
महिला ने अदालत में दिए बयान के अनुसार रात करीब दो बजे होश में आने के बाद दोनों को धक्का देकर वहां से भागकर अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी अपने पति को दी।
अभियोजन के अनुसार , दीपक राम ने घटना से संबंधित तस्वीरें खींचीं और बाद में उन्हें फेसबुक पर वायरल कर दिया, जिससे महिला को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने 17 सितंबर 2023 को मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के बाद पुलिस ने धारा 376(डी) भारतीय दंड संहिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(ए) के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था। मामले में आरोपियों के रक्त और वीर्य के नमूनों सहित अन्य साक्ष्यों को भी प्रदर्श के रूप में अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर शेष सजा भुगतने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने दोनों को फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी बताया तथा आर्थिक रूप से असमर्थ होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता लेने की जानकारी दी।
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