पटना, मार्च 30 -- राज्य सरकार ने सामूहिक अवकाश और सरकारी कार्यक्रमों से अनधिकृत अनुपस्थिति को मामले में परीक्ष्यमान (प्रोबेशन) राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पस्ट किया है कि इन अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को अवैध घोषित किया जा चुका है और इस अवधि को सेवा में नहीं गिना जाएगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने सभी को अलग-अलग पत्र भेजकर 69वीं बीपीएससी बैच के 69 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इन सभी संबंधित अधिकारियों पर आरोप है कि 25 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक उन सभी ने अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया है।

उपसचिव के पत्र में कहा गया है कि यह आचरण न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना है, बल्कि बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का भी उल्लंघन है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

इस पत्र में सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि 13 अप्रैल 2026 तक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि अधिकारियों को इस विषय में कुछ नहीं कहना है, और उनके विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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