संतकबीरनगर , जनवरी 24 -- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि हिंदू समाज को अच्छे आचरण, आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा तभी भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा।
श्री राय ने शनिवार शाम संतकबीरनगर जिले के अंतर्गत मूलप्रकृति श्रीराधा पीठ, देवरहा बाबा नगर गिरधरपुर में आयोजित सनातन हिंदू रक्षा धर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्राचीन भारत की समृद्ध परंपरा का उल्लेख किया और कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज में चोरी नहीं होती थी और लोग संतोष व सुख के साथ जीवन यापन करते थे। वैसा ही सशक्त, संपन्न और सम्मानित समाज फिर से बने, यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है।
उन्होने बताया कि संघ के विचारों को देश के लगभग छह लाख गांवों, लाखों वार्डों और मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए 100 से 500 लोगों के छोटे-छोटे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सनातन हिंदू रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य लगभग 100 वर्षों से निरंतर चल रहा है, जबकि देश की आज़ादी को अभी 100 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। संघ लंबे समय से हिंदू समाज को जागरूक, सक्रिय और संगठित करने का कार्य कर रहा है। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकरश्री राय ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। ट्रस्ट की मंशा है कि मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से श्रीराम यंत्र की स्थापना कराई जाए। इस संबंध में राष्ट्रपति से दिल्ली में भेंट की गई है और उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति शीघ्र ही अयोध्या आएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के श्रमिकों, विभिन्न ठेकेदारों, वेंडर्स, अयोध्या के संत-महात्माओं तथा वर्ष 1984 से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े परिवारों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी को अयोध्या आमंत्रित कर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कराने की योजना है।
काशी और मथुरा से जुड़े प्रश्न पर चंपत राय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद वर्ष 1964 से हिंदू राष्ट्र की भावना के साथ कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य समाज को बेहतर बनाना और समरस (होमोजेनियस) समाज का निर्माण करना है। इस अवसर पर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य 1008 श्री स्वामी वृंदावन दासाचार्य जी महाराज ने देश को सनातन हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि देवरहा बाबा के आदेश पर राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान यह संकल्प लिया गया था और उसे पूर्ण करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। इसी उद्देश्य से सनातन हिंदू रक्षा वाहिनी का गठन किया गया है, जिसका शीघ्र विस्तार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मूल प्रकृति राधा पीठ की सुरक्षा की मांग भी दोहराई। इस दौरान जगद्गुरु रामानुजाचार्य ने पंडित भवेश नारायण मिश्र को मूल प्रकृति राधा पीठ का उत्तराधिकारी घोषित किया। इससे पूर्व सम्मेलन में पहुंचे मुख्य अतिथि चंपत राय का सनातन हिंदू रक्षा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। उत्तराधिकारी पंडित भवेश नारायण मिश्र ने उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
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