भिवानी , मार्च 01 -- हरियाणा में भिवानी जिले की स्थापना के अवसर पर सांस्कृतिक मंच, भिवानी द्वारा स्थानीय सांस्कृतिक सदन में एक शानदार महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें समरस भारत- सशक्त भारत विषय पर व्याख्यान एवं अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों वालों को सम्मानित किया गया। महोत्सव में प्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रूट्स इन कश्मीर संस्था के संस्थापक सुशील पंडित मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आज हम यथार्थ से दूर होते जा रहे हैं, जो कि यह सही नही है। हमें यथार्थ को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में एकता और भाईचारा सबसे बड़ी चीज है और यही भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज की समरसता ही देश के विकास का आधार है। हमें अपने भारत को निरंतर सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की पावन भूमि है। हमें पूर्वजों से संस्कार मिले हैं। विभिन्नता में एकता लिए भारत अखंड है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत हमें एकता के सूत्र में पिरोती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। देश से बढक़र हमारे लिए और कुछ नही है।
समरस भारत- सशक्त भारत विषय पर मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए सुशील पंडित ने कहा कि हमें छोटे-छोटे सभी आपसी मतभेद भुलाकर देश की समरता के लिए कार्य करना होगा। आने वाला समय और भी संकटमय हो सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढिय़ों को हम क्या देकर जाएंगे, यह हमें सोचना है। उन्होंने कहा कि हमारे पास कौशल, विकास, व्यापार, उद्योग सब था, लेकिन हमारे संकट बोध न होने के कारण ही हमें गुलामी झेलनी पड़ी। हम विकसित थे, लेकिन सही बोध न होने के चलते विकास काम नहीं आया। हमारी संपन्नता ही हमारी कमजोरी बनी। उन्होंने कहा कि इंसान की पहचान जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्म से होती है। कर्म के आधार पर वर्ण व्यवस्था है।
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