नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक माह से बढ़ते वायु प्रदूषण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर कहा है कि साफ हवा कोई विलासिता की चीज नहीं है और यह हर इंसान का बुनियादी अधिकार है।

विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यहां इंडिया इंटरनेशनल में आयोजित यूरोप की क्लीन एयर टेक्नोलॉजी जोनएयर3डी के संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

इस अवसर पर सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. रोमन दत्ता और डॉ. महेंद्र सिंह ने वायु प्रदूषण, खासकर पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदूषित हवा सांस और दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है, जिसका असर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर ज्यादा पड़ता है।

इस अवसर पर जोनएयर3डी प्रोजेक्ट्स इंडिया के सीईओ रॉयडेन कोरिया ने बताया कि दिल्ली और मुंबई में स्वच्छ हवा के अनुभव के लिये दो सेंटर खोलेगी। राजधानी दिल्ली में यह सेंटर मायापुरी में होगा जहां लोग स्वच्छ हवा का अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन सेंटरों में आम लोग, अस्पताल, संस्थान और कॉर्पोरेट्स निःशुल्क डेमो के जरिए साफ हवा का अनुभव कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य लोगों को "सर्टिफाइड क्लीन-एयर एनवायरनमेंट" का प्रत्यक्ष अनुभव देना है।

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