श्रीगंगानगर , मई 15 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की सादुलशहर पंचायत समिति के अधीन आने वाली करीब 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का काम पूरी तरह बंद होने के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय मनरेगा मजदूरों ने विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया।

अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष कौर सिंह सिधू ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम राम कर दिया है, लेकिन जमीनी हालात बिल्कुल नहीं बदले हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों न तो खेतों में मजदूरों को काम मिल रहा है और न ही मनरेगा में कोई काम चल रहा है, जिससे मजदूर दोहरी मार झेल रहे हैं।

आज ग्राम पंचायत बुधरांवाली, हाथियांवाली, खेरूवाली, मम्मडखेड़ा सहित कई अन्य पंचायत मुख्यालयों पर मनरेगा मजदूरों ने धरना प्रदर्शन किया। हाथियांवाली और खेरूवाली ग्राम पंचायतों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता पालाराम नायक के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जबकि बुधरवाली पंचायत मुख्यालय पर पूर्व पंचायत समिति डायरेक्टर गरीबदास और खेत मजदूर यूनियन के तहसील अध्यक्ष गुरपालराम के नेतृत्व में मजदूर एकत्रित हुए।

प्रदर्शन समाप्ति के बाद मजदूरों ने पंचायत समिति सचिव के माध्यम से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा के काम शीघ्र शुरू करने, मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने और लंबित भुगतान करने की मांग की गई है।

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