पटना , जनवरी 12 -- ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुये ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को कहा कि सात निश्चय-3 के तहत जिन ग्रामीण सड़कों पर यातायात का दबाव अधिक है, उन्हें 3.75 मीटर चौड़ी सिंगल लेन से बढ़ाकर 5.5 मीटर चौड़ी डबल लेन में परिवर्तित किया जायेगा, जिसके लिये सर्वेक्षण कार्य तेजी से चल रहा है और जनवरी माह के अंत तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। इस सर्वे में एप आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

मंत्री श्री चौधरी ने यह जानकारी सूचना भवन में आयोजित विभागीय संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीण सड़कों की पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि पूरी हो चुकी है, ऐसे कुल 11,942 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026- 27 में निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत अब तक 909 पुलों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसके लिये 4,744.64 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें से 670 पुलों के लिये कार्य आवंटन आदेश जारी हो चुका है, जबकि शेष 239 पुलों की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

पुल निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से एक तकनीकी सलाहकार समिति का गठन किया गया है। इस समिति में तीन विभागीय तकनीकी परामर्शी, एक पुल सलाहकार और 10 सहायक अभियंताओं को प्रतिनियुक्त किया गया है। यह समिति स्वीकृत और चयनित पुलों की गुणवत्ता की जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 20 डीपीआर की समीक्षा की जायेगी, जिसका लक्ष्य 10 फरवरी तक रखा गया है।

मंत्री श्री चौधरी ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के अंतर्गत अब तक 856 पथों की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 3,034 किलोमीटर है। इनमें से 2,793 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026- 27 के मार्च तक शेष 5,887 पथों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 11,942 किलोमीटर है, को भी इस योजना में शामिल किया जायेगा।

संवाददाता सम्मेलन में ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव देवेश सेहरा, विशेष सचिव मनोज कुमार, संयुक्त सचिव संजय कुमार, जय किशोर ठाकुर समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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