पौड़ी , सितंबर, 25 -- उत्तराखंड के पौड़ी में पाबौ विकासखंड के बिडोली गांव निवासी राजेंद्र चमोली ने मछली पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। करीब पांच वर्ष पहले मत्स्य पालन शुरू करने वाले राजेंद्र आज सात तालाबों में मछली उत्पादन कर रहे हैं। उनके इस प्रयास से तीन महिलाओं को भी रोजगार मिला है, जो मछली पालन के कार्य से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं।

मत्स्य विभाग के सहयोग और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लाभ मिलने के बाद राजेंद्र ने मछली उत्पादन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। वर्तमान में उनके तालाबों में पंगास और ग्रास कार्प का उत्पादन किया जा रहा है। वर्ष में दो से तीन बार मछली का उत्पादन कर स्थानीय बाजारों में बिक्री की जाती है। एक उत्पादन चक्र में करीब चार कुंतल मछली का उत्पादन हो रहा है, जिसकी स्थानीय स्तर पर आसानी से बिक्री हो जाती है। उत्पादन में विविधता लाने और आय बढ़ाने के उद्देश्य से राजेंद्र अब गोल्डन फिश का बीज डालने की तैयारी भी कर रहे हैं।

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