भुवनेश्वर , अगस्त 04 -- ओडिशा पुलिस के अपराध जांच विभाग-अपराध शाखा ने मंगलवार को साइबर अपराध की जांच और डिजिटल फोरेंसिक में क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), भुवनेश्वर के साथ पांच साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू पर अपराध शाखा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा और एनएफएसयू भुवनेश्वर परिसर की निदेशक डॉ. पुराबी पोखरियाल ने हस्ताक्षर किए, जबकि ओडिशा के महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने 'साइबर अपराध जांच और डिजिटल फोरेंसिक' पर पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

श्री खुरानिया ने इस साझेदारी को ओडिशा पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह सहयोग उन्नत प्रशिक्षण, फोरेंसिक विशेषज्ञता, संयुक्त शोध और तकनीकी सहयोग के माध्यम से उभरते साइबर खतरों से निपटने की संस्थागत क्षमता को मजबूत करेगा।

श्री खुरानिया ने अपराध के बदलते स्वरूप पर कहा कि डिजिटल सबूत लगभग हर आपराधिक जांच में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि बेनामी खाता धोखाधड़ी, ऑनलाइन निवेश घोटाले और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने नये आपराधिक कानूनों में फोरेंसिक विज्ञान पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बात पर जोर दिया कि हर पुलिस अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जब्त करने, सुरक्षित रखने और संभालने में कुशल होना चाहिए।

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