नई दिल्ली , अप्रैल 16 -- दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर हॉक' के तहत एक बड़े साइबर धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक बैंक कर्मचारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह रैकेट 'म्यूल बैंक खातों' के जरिए संचालित होता था। म्यूल खाते, ऐसे खाते होते हैं जिन्हें अपराधी फर्जी ढंग से खुलवाते हैं और ठगी की रकम उसमें रखते हैं।

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) राजीव कुमार ने बताया कि यह मामला एक ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के बाद प्रकाश में आया, जिसमें एक पीड़ित के खाते से 10,000 रुपये निकाले गए थे।

जांच के दौरान मयूर विहार स्थित एक निजी बैंक शाखा में एक संदिग्ध म्यूल खाते की पहचान हुई। यह खाता साइबर धोखाधड़ी की कई अन्य शिकायतों से भी जुड़ा पाया गया।

पुलिस टीम ने केवाईसी दस्तावेजों और लेनदेन के पैटर्न का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद सबसे पहले खाताधारक शौकीन को पकड़ा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने भतीजे शाहरुख उर्फ जोजो के कहने पर यह खाता खोला था। इसके बाद शाहरूख को गिरफ्तार किया गया, जिसने बैंक कर्मचारी की संलिप्तता का खुलासा किया।

पुलिस ने इस सुराग पर कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक शाखा के रिलेशनशिप मैनेजर फ्रांशु कुमार को गिरफ्तार किया। तकनीकी साक्ष्यों से पुष्टि हुई कि वह धन के बदले म्यूल खाते खुलवाने में मदद करता था। फॉरेंसिक जांच से पता चला कि यह सिंडिकेट टेलीग्राम एप से विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था। म्यूल खातों का विवरण विदेशी ऑपरेटरों के साथ साझा किया जाता था, जबकि इसके बदले कमीशन क्रिप्टोकरेंसी में मिलता था।

आरोपियों ने फोन में एक एपीके आधारित 'एसएमएस फॉरवर्डर टूल' भी इंस्टॉल किया था, जिससे विदेशी हैंडलर्स को ओटीपी का रिमोट एक्सेस मिल जाता और वे बैंक खातों को पूरी तरह नियंत्रित कर धन को आसानी से दूसरी जगह भेज पाते थे।

पुलिस ने बताया कि यह सिंडिकेट एक संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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