मुंबई , अगस्त 28 -- महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले के डोंबिवली निवासी 38 वर्षीय एक महिला ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। महिला को पता चला था कि उसका बैंक अकाउंट अलग-अलग राज्यों में दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा हुआ है। यह जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को दी।
मृतक की पहचान डोंबिवली पूर्व के साईराम सोसायटी निवासी देविका अरमुगम पंडाराम के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध से जुड़े ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के लिए कथित तौर पर पंडाराम के बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र खाते का इस्तेमाल किया गया था। बताया जाता है कि उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी शेयर की थी जिसके बाद जांच एजेंसियों की नज़र उस खाते से हुए लेनदेन पर पड़ी।
राजस्थान के चुरू साइबर सेल के अधिकारी आठ अगस्त को उनके घर गए थे और उन्हें एक नोटिस दिया था। इस नोटिस में उन्हें 'भारतीय न्याय संहिता' और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम' के तहत दर्ज साइबर अपराध के मामले में पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया था।
नोटिस मिलने के बाद, पंडाराम ने ठाणे पुलिस कमिश्नरेट के साइबर अपराध विभाग से संपर्क किया ताकि उनके खाते से कथित तौर पर किए गए मामलों और लेन-देन के बारे में जानकारी मिल सके।
जांच के दौरान, उन्हें बताया गया कि हरियाणा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और तमिलनाडु में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की कई शिकायतों में उनके खाते का उल्लेख किया गया था।
पुलिस ने बताया कि यह पता चलने पर कि इस मामले में उन्हें अलग-अलग राज्यों में जांच एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ सकता है वह परेशान हो गईं।
उसके बाद 25 अगस्त को पंडाराम अपने घर पर गंभीर हालत में मिलीं। उनके रिश्तेदार उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए और बाद में उन्हें नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे शास्त्री नगर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है और महिला की मौत से जुड़े हालात की जांच शुरू कर दी है। जांच करने वाले अधिकारी बैंक खाता के लेन-देन की जांच कर रहे हैं और मृतका के परिचितों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि धोखाधड़ी के मामलों में उस खाते का इस्तेमाल कैसे किया गया था।
पुलिस उस व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है जिसे कथित रूप से उनके खाते की जानकारी मिली थी और यह भी पता लगा रही है कि क्या पंडाराम को इन कथित धोखाधड़ी वाले लेन-देन के बारे में जानकारी थी। आगे की जांच जारी है।
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