ग्वालियर , मई 17 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने ठगी के नए तरीके का इस्तेमाल कर एक किराना व्यापारी के पांच अलग-अलग बैंक खातों से चार लाख 47 हजार 200 रुपए निकाल लिए। मामले में हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित को न तो कोई ओटीपी मिला और न ही मोबाइल के यूपीआई ऐप की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में कोई रिकॉर्ड दिखाई दिया।पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्वालियर निवासी 38 वर्षीय किराना कारोबारी 25 अप्रैल को बाजार में सामान खरीदने पहुंचे थे। भुगतान के लिए फोनपे का उपयोग करने पर खाते में कम राशि होने का संदेश मिला। इसके बाद अन्य खातों से भुगतान का प्रयास किया गया, लेकिन सभी खाते खाली मिले।
बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर व्यापारी को अलग-अलग खातों से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली। 30 मार्च को कैनरा बैंक मोहना शाखा से 99 हजार रुपए, 31 मार्च को 68 हजार रुपए तथा कैनरा बैंक भोपाल शाखा से 88 हजार रुपए निकाले गए। इसी तरह 24 अप्रैल को बैंक ऑफ इंडिया भोपाल से 47 हजार 100 रुपए, भारतीय स्टेट बैंक खाते से 20 हजार रुपए और कोटक महिंद्रा बैंक से तीन ट्रांजैक्शन में कुल एक लाख 25 हजार 100 रुपए निकाले गए।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठगों ने सिम क्लोनिंग या मैलवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया हो सकता है। सिम क्लोनिंग के जरिए पीड़ित के नाम पर दूसरा सिम सक्रिय कर ओटीपी और बैंक अलर्ट हासिल किए जाते हैं, जबकि मैलवेयर की स्थिति में मोबाइल में मौजूद बैंकिंग संदेश डिलीट या फॉरवर्ड किए जा सकते हैं।
व्यापारी ने मामले की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मोहना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहना पुलिस के अनुसार साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर राज्य साइबर सेल की मदद ली जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें यूपीआई रेफरेंस नंबर के आधार पर फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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