हरदोई , जून 01 -- उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी वेबसाइटों और डराने-धमकाने वाले फोन कॉल के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बीटेक के तीन छात्रों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शुभम उर्फ रजनीश गुप्ता, जदवीर सिंह उर्फ जस्सी सिंह, हर्षित सिंह, अंशुमान पांडेय, अर्जुन रावत समेत कुल 10 लोग शामिल हैं। इनमें हर्षित सिंह, अंशुमान पांडेय और अर्जुन रावत लखनऊ स्थित बीबीडी संस्थान में बीटेक के छात्र हैं। पुलिस के अनुसार शुभम और जदवीर गिरोह के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे, जबकि अन्य सदस्य विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार लैपटॉप, दो टैबलेट, 26 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, छह एटीएम कार्ड, चार बैंक पासबुक तथा बड़ी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। गिरोह का मुख्य सरगना 'जेजेएसके' नामक व्यक्ति बताया गया है, जो फिलहाल फरार है।
जांच में पता चला है कि गिरोह लखनऊ के किराये के फ्लैटों से संचालित होता था और पुलिस की नजर से बचने के लिए हर 15 से 20 दिन में अपना ठिकाना बदल देता था। आरोपी काबुक, स्पोर्टस99.वीआईपी, रोलेक्सपैनल.बिन और लोटस365 जैसी वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन गेमिंग में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे। शुरुआत में कुछ लोगों को रकम वापस कर उनका विश्वास जीत लिया जाता था, जबकि यह धन अन्य पीड़ितों से ठगी गई रकम से दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह फर्जी बैंक खाते खुलवाकर तथा विभिन्न यूपीआई आईडी के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करता था। इसके अलावा आरोपी कई मामलों में लोगों को फोन कर उनके बेटे या रिश्तेदार के संकट में होने, पुलिस कार्रवाई या अन्य आपात स्थिति का भय दिखाकर भी धन उगाही करते थे।
हरदोई में दर्ज एक साइबर ठगी की शिकायत की जांच के दौरान तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और बैंक लेनदेन के विश्लेषण से पुलिस इस नेटवर्क तक पहुंची। कई दिनों की निगरानी के बाद लखनऊ में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का दावा है कि यह गिरोह पिछले डेढ़ वर्ष में लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। फरार सरगना और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस को पूछताछ में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
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