हैदराबाद , नवंबर 03 -- तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने संगठित साइबर अपराध से निपटने और अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सहयोग से मंगलवार को हैदराबादमें चौथी संयुक्त साइबर अपराध समन्वय टीम की बैठक आयोजित की। इस उच्च स्तरीय बैठक में 13 राज्यों के 45 वरिष्ठ अधिकारियों और 11 केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्घाटन करते हुए तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान जहां देश भर में साइबर अपराध की शिकायतों में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, तेलंगाना में इसमें तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय नुकसान में चार प्रतिशत की कमी की तुलना में तेलंगाना में 20 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल गंवाए गए पैसों की वसूली पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय साइबर धोखाधड़ी को रोकना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।
टीजीसीएसबी की निदेशक और प्रमुख सचिव (गृह) शिखा गोयल ने कहा कि साइबर अपराधी संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए काम कर रहे हैं, जबकि पुलिस जांच अक्सर क्षेत्राधिकार की सीमाओं से बंधी रहती है। उन्होंने खुफिया जानकारी पर आधारित जांच, रीयल-टाइम सूचना साझाकरण और बहु-राज्यीय समन्वित अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्र के सीईओ राजेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्कैम सेंटरों के बदलते तरीकों को रेखांकित किया और प्रस्तावित सुधारों पर बात की, जिसमें एक एकीकृत जांच मंच, संदिग्ध लेनदेन को रोकने के लिए आरबीआई का मानक संचालन तंत्र और साइबर बुनियादी ढांचे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान शामिल हैं।
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