जयपुर , जुलाई 20 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को कहा कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार सख्ती से कार्य कर रही है और इसके लिए प्रदेशभर में साइबर अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाये जा रहे हैं।

श्री शर्मा आज यहां 'साइबर सुरक्षा अभियान' पोस्टर का विमोचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है। तकनीक ने जहां जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाया है, वहीं साइबर अपराध जैसी नयी चुनौतियां भी सामने आयी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवाचारों के माध्यम से साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार शिकंजा कस रही है। राज्य में राजस्थान साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आर4सी) के माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम, अनुसंधान, तकनीकी समन्वय तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य त्वरित सूचना साझा करने के लिए अत्याधुनिक मंच बनाया जा रहा है। साथ ही, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं ऑपरेशन एंटीवायरस जैसे अभियानों के माध्यम से साइबर पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।

श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक विवरण अथवा पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के झांसे में न आयें। उन्होंने कहा कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करे अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित नागरिक, सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था और सुरक्षित राजस्थान का संकल्प राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

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