बैतूल , सितंबर 15 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के दो युवा साइकिल से देश के चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर निकले हैं। तीन अगस्त को बैतूल से शुरू हुई इस धार्मिक यात्रा के 42 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान दोनों युवा साइकिल से तीन हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर पहुंच गए हैं।

यात्रा पर निकले सोमित यादव और राधेश्याम यादव का लक्ष्य करीब 20 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना है। पूरी यात्रा में लगभग 18 महीने का समय लगने का अनुमान है।

दोनों युवा अब तक द्वारिकाधीश धाम के साथ चार ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। इनमें ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, सोमनाथ और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने हरसिद्धि माता, गढ़कालिका माता, मां कालिका, मां अंबिका, मां चन्द्रभागा और कोटेश्वरी माता सहित छह प्रमुख शक्तिस्थलों के दर्शन किए हैं।

बैतूल से रवाना होने के बाद दोनों युवाओं ने मध्यप्रदेश और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से होकर यात्रा पूरी की। अब वे महाराष्ट्र में हैं। त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद उनकी अगली मंजिल घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग है।

सोमित यादव बैतूल जिले की भीमपुर तहसील के ग्राम लक्कड़जाम निवासी हैं। उनके पिता का नाम मुकेश यादव है। वहीं राधेश्याम यादव बैतूल तहसील के ग्राम बड़गी बुजुर्ग के निवासी हैं और उनके पिता का नाम रमेश यादव है।

दोनों युवाओं के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन करना नहीं है। वे यात्रा के माध्यम से लोगों को सनातन धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की भावना को भी जन-जन तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है।

साइकिल से लंबी दूरी तय करते हुए दोनों युवा रास्ते में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान उन्हें लोगों का प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद मिल रहा है, जिससे उनका उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

दोनों युवाओं ने बताया कि यात्रा के दौरान वे देश के अलग-अलग राज्यों से गुजरेंगे और धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ लोगों के बीच सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और गौ माता के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाएंगे। उनका प्रयास है कि निर्धारित लक्ष्य को पूरा करते हुए इस यात्रा को एक व्यापक जनजागरण अभियान का स्वरूप दिया जा सके।

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