कोंडागांव , सितंबर 20 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से माकड़ी पुलिस ने दुर्गा मंच में 'ओपन माइक' सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। स्थानीय कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गायन, नाटक, कविता, भाषण और वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश दिया।

पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से राज्य को साइबर अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ 15 अगस्त से दो अक्टूबर 2026 तक 'साइबर जागृति अभियान' चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन, उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी माकड़ी निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में 19 सितंबर को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कस्तूरबा आश्रम माकड़ी, हायर सेकेंडरी स्कूल माकड़ी, हायर सेकेंडरी स्कूल हीरापुर, सरस्वती शिशु मंदिर माकड़ी और प्राथमिक शाला मिरमिण्डा के छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को लालच, डर और लापरवाही से बचते हुए स्वयं, परिवार, पड़ोस और समाज को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इनाम या लॉटरी जीतने, बिना ब्याज ऋण दिलाने, नौकरी लगाने और ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, म्यूल सिम और अकाउंट से जुड़े साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया।

लोगों को ओटीपी साझा नहीं करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने और अनजान वीडियो कॉल रिसीव करने से बचने की सलाह दी गई। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और किसी भी शंका या समस्या पर नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों ने क्यूआर कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। उपस्थित लोगों ने 'मैं साइबर जागरूक हूं' और 'मैं साइबर क्राइम से मुक्त हूं' के नारे लगाते हुए साइबर अपराध के खिलाफ जागरूक रहने की शपथ भी ली। साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से भी लोगों को ऑनलाइन अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित