श्रीनगर , अप्रैल 25 -- जेल में बंद लोकसभा सांसद अब्दुल राशिद शेख की अपने बीमार पिता से मिलने के लिए दायर अंतरिम जमानत याचिका को दिल्ली की एक अदालत के खारिज कर दिये जाने के एक दिन बाद उनकी पार्टी अवामी इत्तिहाद पार्टी (एआईपी) ने 27 अप्रैल को दिल्ली उच्च न्यायालय में सूचीबद्ध उनकी नियमित जमानत याचिका पर उम्मीद जतायी है।
पार्टी का कहना है कि न्याय में निष्पक्षता और करुणा दोनों झलकनी चाहिए।
श्री शेख, जिन्हें 'इंजीनियर राशिद' के नाम से जाना जाता है, पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से चार दिन पहले गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज टेरर-फंडिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।
एनआईए पटियाला हाउस कोर्ट के राशिद की अंतरिम जमानत खारिज किये जाने के तुरंत बाद शनिवार को एआईपी ने अपनी कार्यकारी परिषद की आपातकालीन बैठक बुलायी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि बैठक के दौरान नेताओं ने अंतरिम राहत न मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की, खासकर श्री राशिद के पिता की गंभीर हालत के मद्देनजर।
वह श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे क्षण सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण की मांग करते हैं, खासकर जब एक बेटा अपने बीमार माता-पिता के साथ रहने की अनुमति मांग रहा हो।
हालांकि, कार्यकारी परिषद ने 27 अप्रैल को दिल्ली उच्च न्यायालय में होने वाली नियमित जमानत की सुनवाई को लेकर उम्मीद जतायी और कहा कि न्याय को अंततः निष्पक्षता और करुणा दोनों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
एआईपी नेताओं ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इंजीनियर राशिद की स्थिति पर विचार करें, जो बारामुला चुनाव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वर्तमान सांसद हैं। इस क्षेत्र में 18 विधानसभा क्षेत्र आते हैं और यह कश्मीर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े वर्ग की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं के भीतर सुना जाना और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा, "लोकतंत्र केवल प्रतिनिधित्व के बारे में नहीं है, बल्कि जवाबदेही के बारे में भी है। इसमें करुणा की भावना होनी चाहिए, विशेष रूप से मानवीय संकट के क्षणों में।"उन्होंने आगे कहा कि व्यवस्था को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ इस अवसर पर खरा उतरना चाहिए।
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