अलवर , मार्च 21 -- राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में ईद-उल-फित्र का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है।
यहां की फिजाओं में उस वक्त 'गंगा-जमुनी तहजीब' की खुशबू घुल गयी, जब ईद की नमाज अदा करके लौट रहे मुस्लिम भाइयों का हिंदू समाज के लोगों ने पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया। ईदगाह से नमाज पढ़कर लौट रहे अकीदतमंदों पर श्री सार्वजनिक पुस्तकालय के अध्यक्ष रवि शर्मा, राजेश तिवाड़ी, जगदीश आजाद और सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुष्पवर्षा की गयी।
इस अवसर पर कस्बे की जामा मस्जिद के सामने हिंदू भाइयों ने फूलों की बारिश करके अपने मुस्लिम भाइयों का अभिनंदन किया। इस दौरान करीब छह स्टॉल लगाकर व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नमाजियों के लिए ठंडाई और फलों का वितरण भी किया गया।
इस मौके पर आपसी प्रेम की एक और खूबसूरत तस्वीर तब दिखी, जब हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम समाज के सदर छोटेलाल मास्टर सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिकों का साफा बंधन किया और माल्यार्पण करके उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अपनत्व से गदगद होकर मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्धजनों ने भी हिंदू भाइयों का सम्मान किया और गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। श्री सार्वजनिक पुस्तकालय अध्यक्ष रवि कुमार शर्मा ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ हमेशा से अपनी साझा संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। आज का यह दृश्य न केवल हमारी एकता को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेम और सद्भाव का एक बड़ा संदेश भी है। मुस्लिम समाज सदर छोटेलाल मास्टर ने कहा कि मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन शहर की मिट्टी की खुशबू एक ही है।
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