बैतूल , जुलाई 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड स्थित गुरुवा पिपरिया के सांदीपनि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कक्षा पहली से बारहवीं तक अध्ययनरत लगभग 600 विद्यार्थियों की पढ़ाई वर्तमान में केवल चार शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है, जबकि आवश्यकता करीब 60 शिक्षकों की बताई जा रही है।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इस विद्यालय का चयन पहले सीएम राइज स्कूल के रूप में किया गया था, जिसे बाद में सांदीपनि विद्यालय का नाम दिया गया। विद्यालय के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन भी तैयार हो चुका है, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों को अपेक्षित शैक्षणिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में दो महिला और दो पुरुष शिक्षक पदस्थ हैं। यही शिक्षक पहली से बारहवीं तक की सभी कक्षाओं का शिक्षण कार्य संभाल रहे हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में उच्च कक्षाओं के शिक्षकों को प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी पढ़ाना पड़ रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब पहले से ही शिक्षकों की कमी झेल रहे विद्यालय के दो शिक्षकों को अन्य जिम्मेदारियों में लगा दिया गया। शिक्षक नजर सिंह को अंग्रेजी आश्रम, भीमपुर का अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि शिक्षक नवल किशोर बारस्कर को बीआरसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय वर्ग से हैं। अभिभावकों का कहना है कि सांदीपनि विद्यालय के माध्यम से बच्चों को निजी विद्यालयों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की अपेक्षा थी, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी विशाल भोपले ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी स्वीकार करते हुए कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहीं विद्यालय के प्राचार्य कपिल जाट ने बताया कि लगभग 600 विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में केवल चार शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे शिक्षण कार्य संचालित करने में कठिनाई हो रही है।

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