नयी दिल्ली , मार्च 17 -- सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी रूपरेखा, पर्यावरण लेखा संकलन और लैंगिक सांख्यिकी पर दो दिवसीय एक क्षमता निर्माण कार्यशाला का बुधवार से पटना में आयोजन किया गया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार उच्च गुणवत्ता युक्त विश्वसनीय आंकड़ों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय 18-19 मार्च को बिहार के पटना में सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी रूपरेखा, पर्यावरण लेखा संकलन और लैंगिक सांख्यिकी पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह क्षमता निर्माण कार्यशाला बिहार सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम भारत के तकनीकी सहयोग से आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तीन महत्वपूर्ण पहलुओं- सतत विकास लक्ष्य, पर्यावरण और लैंगिक समानता- में क्षमता विकास करना है, जिससे साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सुविधा प्राप्त हो सके। कार्यशाला में संबंधित मंत्रालयों, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विभाग और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के साथ-साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करेंगे।
इस कार्यशाला में बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री, स्वास्थ्य एवं विकास मंत्रालय सचिव और बिहार सरकार के मुख्य सचिव के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार सरकार के अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
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