सहारनपुर , मई 29 -- उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा दो दिन पूर्व सहारनपुर से हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध युवकों के मामले में जांच एजेंसियां उनके संपर्कों और गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों युवक सामान्य पृष्ठभूमि से जुड़े बताए जा रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियों को उनके सोशल मीडिया गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों पर गंभीर संदेह है।
थाना फतेहपुर क्षेत्र के गांव अलीपुर संभालकी निवासी 20 वर्षीय शाहरूख पुत्र मुशर्रफ तथा सरसावा थाना क्षेत्र के गांव ढिक्काकला निवासी 22 वर्षीय महकाब को एटीएस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। दोनों के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि उनके व्यवहार से कभी ऐसा प्रतीत नहीं हुआ कि वे किसी आतंकी गतिविधि से जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार महकाब कुछ महीने पहले पंजाब के लुधियाना में वेल्डिंग का कार्य करता था। वह आठवीं पास है और करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता था। उसके परिवार के पास गांव में लगभग दस बीघा कृषि भूमि भी है। वहीं शाहरूख पांचवीं तक पढ़ा है और करीब डेढ़ माह पहले देहरादून में टाइल्स एवं वेल्डिंग कार्य के लिए गया था।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक महकाब ही शाहरूख को अपने साथ बाहर काम पर ले गया था। दोनों दिन में मजदूरी करते थे, जबकि रात में सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। जांच एजेंसियां उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्कों की जांच कर रही हैं।
शाहरूख के पिता हसरत ने पत्रकारों से कहा कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष है। उन्होंने बताया कि करीब पखवाड़े भर पहले भी एटीएस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और बाद में छोड़ दिया था। हसरत ने कहा कि उनके परिवार का पाकिस्तान या किसी संदिग्ध संगठन से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल एटीएस मामले में आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं कर रही है और जांच जारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित