सहारनपुर , मार्च 23 -- सहारनपुर जिले में वन आच्छादन लगातार बढ़ रहा है और अब यह 13 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जो प्रदेश के 15 प्रतिशत लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका है। यह जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) शिवालिक विपुल सिंघल ने दी। उन्होंने बताया कि वन आच्छादित क्षेत्र का अर्थ उस भूमि से है जो पेड़ों या वनों से ढकी होती है। उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 15 प्रतिशत वन आच्छादन का है, जबकि वर्तमान में प्रदेश का कुल वन क्षेत्र लगभग साढ़े नौ प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भारत का कुल वन एवं वृक्ष आवरण 25.27 प्रतिशत है।

डीएफओ के अनुसार सहारनपुर जिले में हर वर्ष 40 से 45 लाख पौधारोपण किया जाता है। मानकों के अनुसार 10 वर्षों में लगाए गए पौधों में से लगभग 42 प्रतिशत का जीवित रहना अपेक्षित होता है। उन्होंने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा हर दो-तीन वर्ष में सर्वे किया जाता है। वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार 2017 में सहारनपुर का वन आच्छादन 10 प्रतिशत था, जो 2023 में बढ़कर 14.2 प्रतिशत हो गया।

जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 3,68,900 हेक्टेयर है, जिसमें वर्ष 2023 तक करीब 52,500 हेक्टेयर भूमि वन आच्छादित पाई गई, जबकि 2017 में यह आंकड़ा 37,300 हेक्टेयर था। विपुल सिंघल ने कहा कि सहारनपुर के लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं और वृक्षारोपण के साथ उनका संरक्षण भी करते हैं, जिससे जिले की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।

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