सहारनपुर , मई 21 -- भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को सहारनपुर कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा ने श्री गांधी के अंतर्राष्ट्रीय योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीलंका सरकार के साथ शांति समझौता कर राजीव गांधी ने तमिल क्षेत्र में लंबे समय से जारी हिंसा को रोकने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने का अपना दायित्व बखूबी निभाया। सुरेन्द्र कपिल (पूर्व विधायक) ने राजीव गांधी के देश निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और शांति स्थापना में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने राजीव गांधी को 'विकास पुरुष' और 'दूरदर्शी नेता' बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा युवाओं में देश का भविष्य देखा। उन्होंने कहा, "राजीव जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम था कि उन्होंने युवाओं की देश के विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की।" राणा ने आगे कहा कि आज भारतीय युवा पूरे विश्व के आईटी क्षेत्र में जो परचम लहरा रहे हैं, उसकी नींव राजीव जी के कार्यकाल में शुरू हुए कंप्यूटरीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ने ही रखी थी।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव अरविंद पालीवाल ने राजीव गांधी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग पर चलने वाला एक 'महान शांतिदूत' बताया।

जिला उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी नितिन शर्मा और सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने राजीव गांधी की आंतरिक सुरक्षा और शांति नीतियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने असम, मिजोरम, नागालैंड और दार्जिलिंग में हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले संगठनों के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते किए। पंजाब में शांति बहाली के लिए हुआ 'राजीव-लोंगोवाल समझौता' एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, जिससे पंजाब में आतंकवाद का अंत हुआ और राज्य पुनः विकास की राह पर लौटा।

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