सहारनपुर , मार्च 10 -- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के परिजनों और उनके गांव निवासी दुष्यंत सिंह के बीच हुए मारपीट प्रकरण में सियासत घुसने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को लेकर किसानों और मजदूरों में रोष व्याप्त है तथा 14 मार्च को मुजफ्फरनगर में महापंचायत करने का ऐलान किया गया है। किसान मजदूर संगठन के सहारनपुर जिलाध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के गांव नसीरपुर, थाना तितावी (मुजफ्फरनगर) में संगठन के प्रमुख नेताओं और समर्थकों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान और मजदूर 14 मार्च को मुजफ्फरनगर में महापंचायत करेंगे।

उन्होंने बताया कि सोमवार को सहारनपुर जिले के राजपूत बहुल बड़गांव क्षेत्र में भी एक पंचायत आयोजित की गई, जिसमें तितावी थाना पुलिस निरीक्षक पवन चौधरी की कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई गई। पंचायत में किसान मजदूर संगठन के अलावा राजपूत सभा के कई पदाधिकारी और सर्वसमाज के लोग शामिल हुए।

जानकारी के अनुसार 6 मार्च को ठाकुर पूरण सिंह अपने गांव नसीरपुर से सहारनपुर जिले के चिलफरा ऐनाबाद में आयोजित पंचायत में शामिल होने जा रहे थे। आरोप है कि घर से निकलते समय उनके पड़ोसी दुष्यंत सिंह ने नशे की हालत में बुग्गी उनकी कार के सामने खड़ी कर दी। बाद में दुष्यंत अपने कुछ साथियों के साथ पूरण सिंह के आवास पर पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इस घटना में दुष्यंत के सिर में चोट आई।

दुष्यंत की मां ओमवती की तहरीर पर पूरण सिंह के पुत्र, भाई और ड्राइवर के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। बताया गया कि मुकदमा दर्ज होने के कुछ ही समय बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरण सिंह के आवास पहुंच गई।

सूत्राें ने बताया कि सात मार्च को ठाकुर पूरण सिंह ने आरोपित तीनों लोगों नंदू, अनिमेश और रवि को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहीं पूरण सिंह की ओर से भी विपक्षी पक्ष के खिलाफ तहरीर दी गई है।

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