सहारनपुर , सितंबर 17 -- उत्तर प्रदेश में सहारनपुर की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवबंद देवेन्द्र नाथ सिंह ने अभियुक्त जैनेन्द्र निवासी ग्राम सलेमपुर थाना नागल को अपनी पत्नी मंजू का गला घोटकर हत्या करने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छः माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) देवीदयाल शर्मा ने बताया कि ग्राम सलेमपुर निवासी जैनेन्द्र का विवाह तेजपाल निवासी ग्राम तल्हेड़ी खुर्द थाना देवबंद की पुत्री मंजू के साथ हुआ था। विवाह के बाद दोनों के एक पुत्र लवी पैदा हुआ। जैनेन्द्र नशे का आदि था। जैनेन्द्र के बड़े भाई जितेंद्र के कोई संतान नहीं थी, जितेंद्र अपने भतीजे लवी को गोद लेना चाहता था, जिसमें जैनेन्द्र की सहमति थी लेकिन मंजू इसका विरोध करती थी। इसी के चलते आठ अप्रैल 20200 को जैनेन्द्र ने अपने घर में पत्नी मंजू के गले में रस्सी डालकर गला घोटकर हत्या कर दी थी। गाँव सलेमपुर के सतीश ने घटना की सूचना मृतका के परिजनों को फोन पर दी, सूचना पर मृतका के परिजन मृतका मंजू की ससुराल ग्राम सलेमपुर पहुंचे जहां मृतका मंजू का शव घर के अंदर कमरे में बेड पर पड़ा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।

घटना की तहरीर मृतका मंजू के पिता तेजपाल ने थाना नागल पर दी थी। मृतका मंजू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोटकर दम घुटने से मृत्यु होने की पुष्टि हुई थी। उक्त मुकदमे का विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायालय देवबंद में चला। अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र नाथ सिंह ने अभियुक्त जैनेन्द्र को अपनी पत्नी मंजू की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया । अर्थदंड अदा न करने अभियुक्त को छः माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित